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Q: Rent fixation is ? किराया निर्धारण है
  • A. To determine the rent of a property किसी संपत्ति का किराया निर्धारित करने के लिए
  • B. To legally authorize the property संपत्ति को कानूनी रूप से अधिकृत करने के लिए
  • C. To find the value of the property संपत्ति का मूल्य ज्ञात करने के लिए
  • D. To find the person who is going to buy the property/उस व्यक्ति को ढूँढ़ने के लिए जो संपत्ति खरीदने जा रहा है
Correct Answer: Option A - किराया निर्धारण (Rent fixation) - किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति (स्वामी) के भवन (सम्पत्ति) को अपने हित के लिए वैध प्रयोग करने अथवा अपने कब्जे में रखने पर उसे सम्पत्ति के स्वामी को जो समयबद्ध (वार्षिक/मासिक) दर पर भुगतान करना होता है किराया कहलाता है। इसे इकरारी किराया (contractural rent) भी कहते हैं। जब यह लिखित में होता है तो इसे किरायानामा (Rent deed) कहते हैं। किराया दर इस प्रकार निर्धारित करनी चाहिए कि भवन स्वामी को अपने निवेश का उचित लाभ (Return) मिल सके और किरायेदार के लिए भी न्यायसंगत हो वैसे किराया बाजारी मांग पर अधिक निर्भर करता है।
A. किराया निर्धारण (Rent fixation) - किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति (स्वामी) के भवन (सम्पत्ति) को अपने हित के लिए वैध प्रयोग करने अथवा अपने कब्जे में रखने पर उसे सम्पत्ति के स्वामी को जो समयबद्ध (वार्षिक/मासिक) दर पर भुगतान करना होता है किराया कहलाता है। इसे इकरारी किराया (contractural rent) भी कहते हैं। जब यह लिखित में होता है तो इसे किरायानामा (Rent deed) कहते हैं। किराया दर इस प्रकार निर्धारित करनी चाहिए कि भवन स्वामी को अपने निवेश का उचित लाभ (Return) मिल सके और किरायेदार के लिए भी न्यायसंगत हो वैसे किराया बाजारी मांग पर अधिक निर्भर करता है।

Explanations:

किराया निर्धारण (Rent fixation) - किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति (स्वामी) के भवन (सम्पत्ति) को अपने हित के लिए वैध प्रयोग करने अथवा अपने कब्जे में रखने पर उसे सम्पत्ति के स्वामी को जो समयबद्ध (वार्षिक/मासिक) दर पर भुगतान करना होता है किराया कहलाता है। इसे इकरारी किराया (contractural rent) भी कहते हैं। जब यह लिखित में होता है तो इसे किरायानामा (Rent deed) कहते हैं। किराया दर इस प्रकार निर्धारित करनी चाहिए कि भवन स्वामी को अपने निवेश का उचित लाभ (Return) मिल सके और किरायेदार के लिए भी न्यायसंगत हो वैसे किराया बाजारी मांग पर अधिक निर्भर करता है।