Correct Answer:
Option B - संघवाद किसी देश में सरकार के एक से अधिक स्तरों के अस्तित्व को संदर्भित करता है। संघवाद संवैधानिक राज संचालन की उस प्रवृत्ति का प्रारूप है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न राज्य एक संविदा द्वारा एक संघ की स्थापना करते हैं। इस संविदा के अनुसार एक संघीय सरकार एवं अनेक राज्य सरकारें संघ की विभिन्न इकाईयाँ हो जाती हैं। भारतीय संघवाद की यह प्रमुख विशेषता है कि यह एकात्मक की ओर झुकी है, इसलिए कुछ विद्वानों ने इसे आज संघ की संज्ञा प्रदान की है तो कुछ विद्वानों ने नहीं, इसके शरीर को संघात्मक तथा आत्मा को एकात्मक की संज्ञा प्रदान की है।
B. संघवाद किसी देश में सरकार के एक से अधिक स्तरों के अस्तित्व को संदर्भित करता है। संघवाद संवैधानिक राज संचालन की उस प्रवृत्ति का प्रारूप है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न राज्य एक संविदा द्वारा एक संघ की स्थापना करते हैं। इस संविदा के अनुसार एक संघीय सरकार एवं अनेक राज्य सरकारें संघ की विभिन्न इकाईयाँ हो जाती हैं। भारतीय संघवाद की यह प्रमुख विशेषता है कि यह एकात्मक की ओर झुकी है, इसलिए कुछ विद्वानों ने इसे आज संघ की संज्ञा प्रदान की है तो कुछ विद्वानों ने नहीं, इसके शरीर को संघात्मक तथा आत्मा को एकात्मक की संज्ञा प्रदान की है।