Correct Answer:
Option C - संधारित्र का प्रतिघात, संधारित्र द्वारा धारा के प्रवाह के लिए प्रस्तुत प्रतिरोध होता है। संधारित्र का प्रतिघात, आपूर्ति आवृत्ति के विपरीत आनुपातिक (व्युत्क्रमानुपाती) होता है। यानी आवृत्ति बढ़ने पर संधारित्र प्रतिघात कम हो जाता है। संधारित्र प्रतिघात की ईकाई ‘ओम’ है।
C. संधारित्र का प्रतिघात, संधारित्र द्वारा धारा के प्रवाह के लिए प्रस्तुत प्रतिरोध होता है। संधारित्र का प्रतिघात, आपूर्ति आवृत्ति के विपरीत आनुपातिक (व्युत्क्रमानुपाती) होता है। यानी आवृत्ति बढ़ने पर संधारित्र प्रतिघात कम हो जाता है। संधारित्र प्रतिघात की ईकाई ‘ओम’ है।