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Q: राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुओं/सेवाओं के बीच अंतर करना क्यों महत्त्वपूर्ण है?
  • A. विभिन्न क्षेत्रों के बीच आय के वितरण में अंतदृंष्टि प्रदान करता है।
  • B. यह उपभोक्ता की प्राथमिकताओं और बाजार की माँग में बदलाव को ट्रैक करने में मदद करता है।
  • C. यह आर्थिक विकास और उत्पादकता की अधिक सटीक माप करने में सहायता करता है।
  • D. यह उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं की समग्र गुणवत्ता निर्धारित करने में मदद करता है।
Correct Answer: Option C - राष्ट्रीय आय के गणना की सटीकता के लिए अंतिम मूल्य का ही प्रयोग करते हैं। अंतिम वस्तु मध्यवर्ती वस्तु के मेल से ही बनती है ऐसे मेें मध्यवर्ती वस्तु व अंतिम वस्तु में भेंद न किया जायेगा तो GDP में दोहराव की स्थिति उत्पन्न होगी व राष्ट्रीय आय अधिक प्रतीत होगी। राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुओं/सेवाओं के बीच अंतर करने से आर्थिक विकास और उत्पादकता की अधिक सटीक माप करने में सहायता करता है।
C. राष्ट्रीय आय के गणना की सटीकता के लिए अंतिम मूल्य का ही प्रयोग करते हैं। अंतिम वस्तु मध्यवर्ती वस्तु के मेल से ही बनती है ऐसे मेें मध्यवर्ती वस्तु व अंतिम वस्तु में भेंद न किया जायेगा तो GDP में दोहराव की स्थिति उत्पन्न होगी व राष्ट्रीय आय अधिक प्रतीत होगी। राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुओं/सेवाओं के बीच अंतर करने से आर्थिक विकास और उत्पादकता की अधिक सटीक माप करने में सहायता करता है।

Explanations:

राष्ट्रीय आय के गणना की सटीकता के लिए अंतिम मूल्य का ही प्रयोग करते हैं। अंतिम वस्तु मध्यवर्ती वस्तु के मेल से ही बनती है ऐसे मेें मध्यवर्ती वस्तु व अंतिम वस्तु में भेंद न किया जायेगा तो GDP में दोहराव की स्थिति उत्पन्न होगी व राष्ट्रीय आय अधिक प्रतीत होगी। राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुओं/सेवाओं के बीच अंतर करने से आर्थिक विकास और उत्पादकता की अधिक सटीक माप करने में सहायता करता है।