Explanations:
राष्ट्रीय आय के गणना की सटीकता के लिए अंतिम मूल्य का ही प्रयोग करते हैं। अंतिम वस्तु मध्यवर्ती वस्तु के मेल से ही बनती है ऐसे मेें मध्यवर्ती वस्तु व अंतिम वस्तु में भेंद न किया जायेगा तो GDP में दोहराव की स्थिति उत्पन्न होगी व राष्ट्रीय आय अधिक प्रतीत होगी। राष्ट्रीय आय लेखांकन में अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुओं/सेवाओं के बीच अंतर करने से आर्थिक विकास और उत्पादकता की अधिक सटीक माप करने में सहायता करता है।