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Q: रस निष्पत्ति की विवेचना में ‘भावकत्व और भोजकत्व’ की कल्पना किस आचार्य ने की है?
  • A. भट्ट लोल्लट
  • B. भट्ट नायक
  • C. श्रीशंकुक
  • D. अभिनव गुप्त
Correct Answer: Option B - व्याख्या- रस निष्पत्ति की विवेचना में ‘भावकत्व और भोजकत्व’ की कल्पना आचार्य भट्ट नायक ने की है। जबकि रस निष्पत्ति की विवेचना में आचार्य भट्ट लोल्लट ने ‘उत्पत्ति’ की, आचार्य शंकुक ने ‘अनुमिति’ की तथा ‘अभिनवगुप्त’ ने ‘अभिव्यक्ति’ की कल्पना की है।
B. व्याख्या- रस निष्पत्ति की विवेचना में ‘भावकत्व और भोजकत्व’ की कल्पना आचार्य भट्ट नायक ने की है। जबकि रस निष्पत्ति की विवेचना में आचार्य भट्ट लोल्लट ने ‘उत्पत्ति’ की, आचार्य शंकुक ने ‘अनुमिति’ की तथा ‘अभिनवगुप्त’ ने ‘अभिव्यक्ति’ की कल्पना की है।

Explanations:

व्याख्या- रस निष्पत्ति की विवेचना में ‘भावकत्व और भोजकत्व’ की कल्पना आचार्य भट्ट नायक ने की है। जबकि रस निष्पत्ति की विवेचना में आचार्य भट्ट लोल्लट ने ‘उत्पत्ति’ की, आचार्य शंकुक ने ‘अनुमिति’ की तथा ‘अभिनवगुप्त’ ने ‘अभिव्यक्ति’ की कल्पना की है।