Correct Answer:
Option D - ‘‘रिपु-आंतन की कुंडली करि जोगिनी चबात, पीबहि में पागी मनो, जुबति जलेबी खात।’’ में वीभत्स रस है। इसका स्थायी भाव जुगुप्सा है।
D. ‘‘रिपु-आंतन की कुंडली करि जोगिनी चबात, पीबहि में पागी मनो, जुबति जलेबी खात।’’ में वीभत्स रस है। इसका स्थायी भाव जुगुप्सा है।