Correct Answer:
Option A - गोस्वामी तुलसीदास द्वारा कृत रामचरितमानस (1570) अवधी भाषा में रचित एक महाकाव्य ग्रंथ है। रामचरितमानस में गोस्वामी जी ने रामकथा का वर्णन किया है। मानस में सात काण्ड या सोपान है जो क्रमश: इस प्रकार है-
(1) बालकाण्ड (2) अयोध्याकाण्ड (3) अरण्यकाण्ड (4) किष्किन्धाकाण्ड (5) सुन्दरकाण्ड (6) लंकाकाण्ड (7) उत्तरकाण्ड
रामचरित मानस की रचना गोस्वामी जी ने स्वान्त: सुखाय के साथ-साथ लोकहित एवं लोक मंगल के लिए किया है। रामचरित मानस पर सर्वाधिक प्रभाव अध्यात्म रामायण का पड़ा है। तुलसीदास ने सर्वप्रथम मानस को रसखान को सुनाया था।
A. गोस्वामी तुलसीदास द्वारा कृत रामचरितमानस (1570) अवधी भाषा में रचित एक महाकाव्य ग्रंथ है। रामचरितमानस में गोस्वामी जी ने रामकथा का वर्णन किया है। मानस में सात काण्ड या सोपान है जो क्रमश: इस प्रकार है-
(1) बालकाण्ड (2) अयोध्याकाण्ड (3) अरण्यकाण्ड (4) किष्किन्धाकाण्ड (5) सुन्दरकाण्ड (6) लंकाकाण्ड (7) उत्तरकाण्ड
रामचरित मानस की रचना गोस्वामी जी ने स्वान्त: सुखाय के साथ-साथ लोकहित एवं लोक मंगल के लिए किया है। रामचरित मानस पर सर्वाधिक प्रभाव अध्यात्म रामायण का पड़ा है। तुलसीदास ने सर्वप्रथम मानस को रसखान को सुनाया था।