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Q: रिक्तस्थानस्य पूर्ति: क्रियताम् – ‘क्रमादमुं नारद इत्यबोधि __________ ।।’
  • A. य:
  • B. स:
  • C. न:
  • D. क:
Correct Answer: Option B - रिक्तस्थानस्य पूर्ति: क्रियताम् ‘क्रमादमुं नारद इत्यबोधि स:’ (जबकि लोग यह क्या है? इसका निश्चय नहीं कर पा रहे थे) तभी उस सर्वज्ञ भगवान ने पहले तेज पुंज समझते हुए फिर आकृति जैसी देखने पर देहधारी कोई है, ऐसा सोचते हुए और निकट आ जाने पर पुरुष है यह जानते हुए उसको क्रम से यह नारद हैं ऐसा जाना। यहाँ स: पद से नारद का बोध किया गया है।
B. रिक्तस्थानस्य पूर्ति: क्रियताम् ‘क्रमादमुं नारद इत्यबोधि स:’ (जबकि लोग यह क्या है? इसका निश्चय नहीं कर पा रहे थे) तभी उस सर्वज्ञ भगवान ने पहले तेज पुंज समझते हुए फिर आकृति जैसी देखने पर देहधारी कोई है, ऐसा सोचते हुए और निकट आ जाने पर पुरुष है यह जानते हुए उसको क्रम से यह नारद हैं ऐसा जाना। यहाँ स: पद से नारद का बोध किया गया है।

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रिक्तस्थानस्य पूर्ति: क्रियताम् ‘क्रमादमुं नारद इत्यबोधि स:’ (जबकि लोग यह क्या है? इसका निश्चय नहीं कर पा रहे थे) तभी उस सर्वज्ञ भगवान ने पहले तेज पुंज समझते हुए फिर आकृति जैसी देखने पर देहधारी कोई है, ऐसा सोचते हुए और निकट आ जाने पर पुरुष है यह जानते हुए उसको क्रम से यह नारद हैं ऐसा जाना। यहाँ स: पद से नारद का बोध किया गया है।