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Q: ‘रिक्त: सर्वो भवति हि लघु: पूर्णता गौरवाय’ का सम्बन्ध किस ग्रन्थ से है?
  • A. किरातार्जुनीयम्
  • B. अभिज्ञानशाकुन्तलम्
  • C. मेघदूतम्
  • D. रघुवंशम्
Correct Answer: Option C - ‘रिक्त: सर्वो भवति हि लघु: पूर्णता गौरवाय’ का सम्बन्ध महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् नामक खण्डकाव्य है जिसका तात्पर्य है–रीते (रिक्त) सब हल्के होते हैं तथा भरा-पूरा होना गौरव का प्रतीक है।
C. ‘रिक्त: सर्वो भवति हि लघु: पूर्णता गौरवाय’ का सम्बन्ध महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् नामक खण्डकाव्य है जिसका तात्पर्य है–रीते (रिक्त) सब हल्के होते हैं तथा भरा-पूरा होना गौरव का प्रतीक है।

Explanations:

‘रिक्त: सर्वो भवति हि लघु: पूर्णता गौरवाय’ का सम्बन्ध महाकवि कालिदास कृत मेघदूतम् नामक खण्डकाव्य है जिसका तात्पर्य है–रीते (रिक्त) सब हल्के होते हैं तथा भरा-पूरा होना गौरव का प्रतीक है।