Correct Answer:
Option A - राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 213 में वर्णित है। राज्यपाल किसी अध्यादेश को तभी जारी कर सकता है, जब विधान सभा सत्र में न हो या केवल एक सदन (जहाँ दो सदन हो) सत्र में न हो क्योंकि विधेयक का दोनों सदनों द्वारा पारित होना जरूरी है। इनके द्वारा जारी अध्यादेश की शक्ति राज्य विधानमंडल द्वारा जारी अधिनियम के समान होती है। यह अध्यादेश राज्य विधानमंडल का सत्र प्रारम्भ होने के छह सप्ताह के बाद समाप्त हो जायेगा। यदि राज्य विधान सभा इस अध्यादेश को अस्वीकृत कर दें तो समय से पहले भी अध्यादेश समाप्त हो जाता है।
A. राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 213 में वर्णित है। राज्यपाल किसी अध्यादेश को तभी जारी कर सकता है, जब विधान सभा सत्र में न हो या केवल एक सदन (जहाँ दो सदन हो) सत्र में न हो क्योंकि विधेयक का दोनों सदनों द्वारा पारित होना जरूरी है। इनके द्वारा जारी अध्यादेश की शक्ति राज्य विधानमंडल द्वारा जारी अधिनियम के समान होती है। यह अध्यादेश राज्य विधानमंडल का सत्र प्रारम्भ होने के छह सप्ताह के बाद समाप्त हो जायेगा। यदि राज्य विधान सभा इस अध्यादेश को अस्वीकृत कर दें तो समय से पहले भी अध्यादेश समाप्त हो जाता है।