Correct Answer:
Option A - ‘राजपुत्र:’- ‘राज्ञ: पुत्र:’ अर्थात् राजा का पुत्र। यहाँ पर षष्ठी तत्पुरुष समास है। कर्मधारय में दोनों पदों की विभक्ति समान होनी चाहिए। द्विगु में प्रथम पद संख्यावाची होना चाहिए। जबकि अव्ययीभाव में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है।
A. ‘राजपुत्र:’- ‘राज्ञ: पुत्र:’ अर्थात् राजा का पुत्र। यहाँ पर षष्ठी तत्पुरुष समास है। कर्मधारय में दोनों पदों की विभक्ति समान होनी चाहिए। द्विगु में प्रथम पद संख्यावाची होना चाहिए। जबकि अव्ययीभाव में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है।
Explanations:
‘राजपुत्र:’- ‘राज्ञ: पुत्र:’ अर्थात् राजा का पुत्र। यहाँ पर षष्ठी तत्पुरुष समास है। कर्मधारय में दोनों पदों की विभक्ति समान होनी चाहिए। द्विगु में प्रथम पद संख्यावाची होना चाहिए। जबकि अव्ययीभाव में प्राय: प्रथम पद अव्यय होता है।
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