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Q: राजा नल के मंत्री का नाम था
  • A. बालाहक
  • B. श्रुतिशील
  • C. विदध
  • D. बाहुक
Correct Answer: Option B - राजा नल के मन्त्री का नाम श्रुतिशील था। नलचम्पू में श्रुतिशील के विषय में कहा गया है - कुलक्रमागत संक्रान्ति दर्पण: सुखदु:खयो:, स्वभावानुरक्त:, शुचि: सत्यपूतवाक् कृतज्ञो ब्राह्मण: सालङ्कायनस्य सूनु:श्रुतशीलो नाम महामंत्री। अर्थात् वंश परम्परा से प्राप्त (राजा के) सुख-दु:ख का दर्पण (ऐसा दर्पण जिसमें राजा का सुख-दु:ख स्पष्ट दीखता था), स्वभाव से अनुरक्त, शुद्ध, सत्य से पवित्र वाणीवाला, कृतज्ञ, सालङ्कायन का पुत्र ‘श्रुतशील’ नामक ब्राह्मण राजा नल का महामंत्री था।
B. राजा नल के मन्त्री का नाम श्रुतिशील था। नलचम्पू में श्रुतिशील के विषय में कहा गया है - कुलक्रमागत संक्रान्ति दर्पण: सुखदु:खयो:, स्वभावानुरक्त:, शुचि: सत्यपूतवाक् कृतज्ञो ब्राह्मण: सालङ्कायनस्य सूनु:श्रुतशीलो नाम महामंत्री। अर्थात् वंश परम्परा से प्राप्त (राजा के) सुख-दु:ख का दर्पण (ऐसा दर्पण जिसमें राजा का सुख-दु:ख स्पष्ट दीखता था), स्वभाव से अनुरक्त, शुद्ध, सत्य से पवित्र वाणीवाला, कृतज्ञ, सालङ्कायन का पुत्र ‘श्रुतशील’ नामक ब्राह्मण राजा नल का महामंत्री था।

Explanations:

राजा नल के मन्त्री का नाम श्रुतिशील था। नलचम्पू में श्रुतिशील के विषय में कहा गया है - कुलक्रमागत संक्रान्ति दर्पण: सुखदु:खयो:, स्वभावानुरक्त:, शुचि: सत्यपूतवाक् कृतज्ञो ब्राह्मण: सालङ्कायनस्य सूनु:श्रुतशीलो नाम महामंत्री। अर्थात् वंश परम्परा से प्राप्त (राजा के) सुख-दु:ख का दर्पण (ऐसा दर्पण जिसमें राजा का सुख-दु:ख स्पष्ट दीखता था), स्वभाव से अनुरक्त, शुद्ध, सत्य से पवित्र वाणीवाला, कृतज्ञ, सालङ्कायन का पुत्र ‘श्रुतशील’ नामक ब्राह्मण राजा नल का महामंत्री था।