Correct Answer:
Option C - राजा हर्षवर्धन ने कन्नौज में, ‘भद्र विहार’ नामक ज्ञान के एक वृहत केन्द्र की स्थापना की थी। हर्ष के दरबारी कवि बाणभट्ट थे जिन्होंने हर्षचरित तथा कादम्बरी की रचना की। हर्षवर्धन ने तीन संस्कृत नाटक ग्रंथों– प्रियदर्शिका, रत्नावली तथा नागानन्द की रचना की थी।
C. राजा हर्षवर्धन ने कन्नौज में, ‘भद्र विहार’ नामक ज्ञान के एक वृहत केन्द्र की स्थापना की थी। हर्ष के दरबारी कवि बाणभट्ट थे जिन्होंने हर्षचरित तथा कादम्बरी की रचना की। हर्षवर्धन ने तीन संस्कृत नाटक ग्रंथों– प्रियदर्शिका, रत्नावली तथा नागानन्द की रचना की थी।