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Q: `राजा ब्राह्मणाय गां ददाति' वाक्य में रेखांकित शब्द की संज्ञा है –
  • A. कर्म
  • B. करण
  • C. अपादान
  • D. सम्प्रदान
Correct Answer: Option D - `राजा ब्राह्मणाय गां ददाति' वाक्य में रेखांकित शब्द की संज्ञा ब्राह्मणाय सम्प्रदान की संज्ञा है। इसमें चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग किया गया है। इसका सूत्र है - ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ अर्थात् कर्ता अपनी दान क्रिया के द्वारा जिसको सन्तुष्ट करना चाहे उसकी सम्प्रदान संज्ञा होगी तथा सम्प्रदाने चतुर्थी सूत्र से चतुर्थी विभक्ति होती है।
D. `राजा ब्राह्मणाय गां ददाति' वाक्य में रेखांकित शब्द की संज्ञा ब्राह्मणाय सम्प्रदान की संज्ञा है। इसमें चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग किया गया है। इसका सूत्र है - ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ अर्थात् कर्ता अपनी दान क्रिया के द्वारा जिसको सन्तुष्ट करना चाहे उसकी सम्प्रदान संज्ञा होगी तथा सम्प्रदाने चतुर्थी सूत्र से चतुर्थी विभक्ति होती है।

Explanations:

`राजा ब्राह्मणाय गां ददाति' वाक्य में रेखांकित शब्द की संज्ञा ब्राह्मणाय सम्प्रदान की संज्ञा है। इसमें चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग किया गया है। इसका सूत्र है - ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ अर्थात् कर्ता अपनी दान क्रिया के द्वारा जिसको सन्तुष्ट करना चाहे उसकी सम्प्रदान संज्ञा होगी तथा सम्प्रदाने चतुर्थी सूत्र से चतुर्थी विभक्ति होती है।