Explanations:
रंगों के हल्के अथवा गहरे बलों में प्रकाश की मात्रा तथा श्वेत से काले रंग तक की क्रमबद्धता तान कहलाती है। इस प्रकार `तान' और `बल' दोनों एक-दूसरे से सम्बन्धित है। प्रत्येक तान का एक बल होता है। दोनों शब्दों को मिलकर `तान-बल' अथवा `तान का मान' शब्द का भी प्रयोग किया जाता है। रंगों में प्रकाश की मात्रा ही तान का मान है।