Correct Answer:
Option C - ‘रोचते मे एष मयूर:’ में रेखांकित पद की प्रकृति, विभक्ति तथा वचन अस्मद् + चतुर्थी + एकवचन होगा। ‘अस्मद’ शब्द का षष्ठी विभक्ति का रूप इस प्रकार है–
षष्ठी – मम् या में आवयो: या नौ, अस्माकम्, न:
C. ‘रोचते मे एष मयूर:’ में रेखांकित पद की प्रकृति, विभक्ति तथा वचन अस्मद् + चतुर्थी + एकवचन होगा। ‘अस्मद’ शब्द का षष्ठी विभक्ति का रूप इस प्रकार है–
षष्ठी – मम् या में आवयो: या नौ, अस्माकम्, न: