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Q: Rabindranath Tagore gave up his 'Knighthood' because of/ रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ उपाधि किस कारण त्याग दी?
  • A. Brutal suppression of Civil Disobedience Movement/सविनय अवज्ञा आन्दालन का व्रूâर दमन
  • B. Execution of Bhagat Singh भगत सिंह को फाँसी दिया जाना
  • C. Jalliawala Bagh Tragedy जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड
  • D. Chauri Chaura Incident/चौरी चौरा की घटना
Correct Answer: Option C - 13 अप्रैल , 1919 को एक निहत्थी भारी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए जलियाँवाला बाग में जमा हुई। इस निहत्थी भीड़ पर जनरल डायर ने गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे हजारों लोग मारे गये तथा उससे ज्यादा घायल हुये। इस भीषण नरसंहार से महान कवि और मानवतावादी चिंतक रवीन्द्रनाथ टैगोर क्षुब्ध होकर ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइट या सर’ की उपाधि वापस कर दी।
C. 13 अप्रैल , 1919 को एक निहत्थी भारी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए जलियाँवाला बाग में जमा हुई। इस निहत्थी भीड़ पर जनरल डायर ने गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे हजारों लोग मारे गये तथा उससे ज्यादा घायल हुये। इस भीषण नरसंहार से महान कवि और मानवतावादी चिंतक रवीन्द्रनाथ टैगोर क्षुब्ध होकर ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइट या सर’ की उपाधि वापस कर दी।

Explanations:

13 अप्रैल , 1919 को एक निहत्थी भारी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए जलियाँवाला बाग में जमा हुई। इस निहत्थी भीड़ पर जनरल डायर ने गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे हजारों लोग मारे गये तथा उससे ज्यादा घायल हुये। इस भीषण नरसंहार से महान कवि और मानवतावादी चिंतक रवीन्द्रनाथ टैगोर क्षुब्ध होकर ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइट या सर’ की उपाधि वापस कर दी।