Correct Answer:
Option C - 13 अप्रैल , 1919 को एक निहत्थी भारी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए जलियाँवाला बाग में जमा हुई। इस निहत्थी भीड़ पर जनरल डायर ने गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे हजारों लोग मारे गये तथा उससे ज्यादा घायल हुये। इस भीषण नरसंहार से महान कवि और मानवतावादी चिंतक रवीन्द्रनाथ टैगोर क्षुब्ध होकर ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइट या सर’ की उपाधि वापस कर दी।
C. 13 अप्रैल , 1919 को एक निहत्थी भारी भीड़ अपने लोकप्रिय नेताओं डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉक्टर सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए जलियाँवाला बाग में जमा हुई। इस निहत्थी भीड़ पर जनरल डायर ने गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे हजारों लोग मारे गये तथा उससे ज्यादा घायल हुये। इस भीषण नरसंहार से महान कवि और मानवतावादी चिंतक रवीन्द्रनाथ टैगोर क्षुब्ध होकर ब्रिटिश सरकार द्वारा दी गई ‘नाइट या सर’ की उपाधि वापस कर दी।