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Q: Prismatic compass is an instrument to measure:/प्रिज्मीय दिक्सूचक मापने का एक उपकरण है:
  • A. The vertical angle between the two lines/दो रेखाओ के बीच का ऊर्ध्वाधर कोण
  • B. The horizontal angle between the two lines/ दो रेखाओ के बीच का क्षैतिज कोण
  • C. The magnetic bearing of the lines/रेखाओं का चुंबकीय दिक्मान
  • D. The true bearing on the lines/रेखाओं का सत्य दिक्मान
Correct Answer: Option C - सर्वेक्षण रेखाओं का चुम्बकीय दिक्मान मापने के लिए दिक्सूचक का प्रयोग किया जाता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान प्रणाली में पढ़ा जाता है। इसमें लक्ष्य वेधन तथा चक्री पठन एक साथ ही सम्पन्न होता है। अत: सर्वेक्षक को अपनी स्थिति बदलनी नहीं पड़ती है। यह पीतल का गोल बक्सा होता है, जिसके मध्य में कीलक के ऊपर चुम्बकीय सुई टंगी होती है, जो चुम्बकीय याम्योत्तर दर्शाता है, तथा अंशाकित चक्र एल्युमिनियम की बनी होती है जो चुम्बकीय सुई से जुड़ी रहती है जिस पर 00 से 3600 वक्र निशान बना होता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में आधी डिग्री (30') तक का निशान बना होता है, अत: इसका अल्पतमांक 30' होता है।
C. सर्वेक्षण रेखाओं का चुम्बकीय दिक्मान मापने के लिए दिक्सूचक का प्रयोग किया जाता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान प्रणाली में पढ़ा जाता है। इसमें लक्ष्य वेधन तथा चक्री पठन एक साथ ही सम्पन्न होता है। अत: सर्वेक्षक को अपनी स्थिति बदलनी नहीं पड़ती है। यह पीतल का गोल बक्सा होता है, जिसके मध्य में कीलक के ऊपर चुम्बकीय सुई टंगी होती है, जो चुम्बकीय याम्योत्तर दर्शाता है, तथा अंशाकित चक्र एल्युमिनियम की बनी होती है जो चुम्बकीय सुई से जुड़ी रहती है जिस पर 00 से 3600 वक्र निशान बना होता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में आधी डिग्री (30') तक का निशान बना होता है, अत: इसका अल्पतमांक 30' होता है।

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सर्वेक्षण रेखाओं का चुम्बकीय दिक्मान मापने के लिए दिक्सूचक का प्रयोग किया जाता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में दिक्मान पूर्णवृत्त दिक्मान प्रणाली में पढ़ा जाता है। इसमें लक्ष्य वेधन तथा चक्री पठन एक साथ ही सम्पन्न होता है। अत: सर्वेक्षक को अपनी स्थिति बदलनी नहीं पड़ती है। यह पीतल का गोल बक्सा होता है, जिसके मध्य में कीलक के ऊपर चुम्बकीय सुई टंगी होती है, जो चुम्बकीय याम्योत्तर दर्शाता है, तथा अंशाकित चक्र एल्युमिनियम की बनी होती है जो चुम्बकीय सुई से जुड़ी रहती है जिस पर 00 से 3600 वक्र निशान बना होता है। प्रिज्मीय दिक्सूचक में आधी डिग्री (30') तक का निशान बना होता है, अत: इसका अल्पतमांक 30' होता है।