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Q: Pressure Groups in India suffer from which of the following? भारत में दबाव समूह निम्नलिखित में से किससे पीडि़त है?
  • A. By culturalism /संस्कृतिवाद
  • B. By lack of ideological commitments विचारधारा में प्रतिबद्धता की कमी में
  • C. By lack of autonomous role in the politics of the country / देश की राजनीति में स्वायन भूमिका की कमी से
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above /उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - भारत में दबाव समूह के संदर्भ में दिए गए प्रश्न में एक से अधिक विकल्प सत्य हैं क्योंकि ये समूह एक सांस्कृतिक संदर्भ में कार्य करते हैं, जहां पारंपरिक मानदंड आधुनिक आकांक्षाओं के साथ मिलते हैं। अधिकांश दबाव समूहों का स्वायत्त अस्तित्व नही होता; वे वे बिना अस्तित्व के हैं और उनमें प्रतिबद्धता की कमी है, उनकी वफादारी राजनीतिक स्थितियों के साथ बदल जाती है जिससे समाज के कल्याण को खतरा होता है। वे कई बार हिंसा जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेते हैं। 1967 में पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ नक्सली आंदोलन इसका एक उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि दबाव समूह उन लोगों का एक समूह है जो अपने सामान्य हितों को बढावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए सक्रिय रूप से संगठित होते हैं। दबाव समूहों के सबसे अधिक घनिष्ठ एवं उलझे हुए संबंध राजनीतिक दलों से होते हैं। ये वर्ग राजनीतिक दलों के माध्यम से अपने हितों की रक्षा चाहते हैं।
D. भारत में दबाव समूह के संदर्भ में दिए गए प्रश्न में एक से अधिक विकल्प सत्य हैं क्योंकि ये समूह एक सांस्कृतिक संदर्भ में कार्य करते हैं, जहां पारंपरिक मानदंड आधुनिक आकांक्षाओं के साथ मिलते हैं। अधिकांश दबाव समूहों का स्वायत्त अस्तित्व नही होता; वे वे बिना अस्तित्व के हैं और उनमें प्रतिबद्धता की कमी है, उनकी वफादारी राजनीतिक स्थितियों के साथ बदल जाती है जिससे समाज के कल्याण को खतरा होता है। वे कई बार हिंसा जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेते हैं। 1967 में पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ नक्सली आंदोलन इसका एक उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि दबाव समूह उन लोगों का एक समूह है जो अपने सामान्य हितों को बढावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए सक्रिय रूप से संगठित होते हैं। दबाव समूहों के सबसे अधिक घनिष्ठ एवं उलझे हुए संबंध राजनीतिक दलों से होते हैं। ये वर्ग राजनीतिक दलों के माध्यम से अपने हितों की रक्षा चाहते हैं।

Explanations:

भारत में दबाव समूह के संदर्भ में दिए गए प्रश्न में एक से अधिक विकल्प सत्य हैं क्योंकि ये समूह एक सांस्कृतिक संदर्भ में कार्य करते हैं, जहां पारंपरिक मानदंड आधुनिक आकांक्षाओं के साथ मिलते हैं। अधिकांश दबाव समूहों का स्वायत्त अस्तित्व नही होता; वे वे बिना अस्तित्व के हैं और उनमें प्रतिबद्धता की कमी है, उनकी वफादारी राजनीतिक स्थितियों के साथ बदल जाती है जिससे समाज के कल्याण को खतरा होता है। वे कई बार हिंसा जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा लेते हैं। 1967 में पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ नक्सली आंदोलन इसका एक उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि दबाव समूह उन लोगों का एक समूह है जो अपने सामान्य हितों को बढावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए सक्रिय रूप से संगठित होते हैं। दबाव समूहों के सबसे अधिक घनिष्ठ एवं उलझे हुए संबंध राजनीतिक दलों से होते हैं। ये वर्ग राजनीतिक दलों के माध्यम से अपने हितों की रक्षा चाहते हैं।