Correct Answer:
Option B - बहुलवादी समूह एवं संगठनों को महत्व देते है। बहुलवादी अन्य समुदायों को भी आवश्यक एवं प्राकृतिक मानते है जैसे कि राज्य। इन समुदायों का प्रादुर्भाव स्वत: एवं स्वभावत: होता है। वे राज्य द्वारा निर्मित नहीं होते और न वे अपने अस्तित्व के लिए उसकी इच्छा पर ही अवलम्बित होते है। राज्य की तरह वे भी अपने क्षेत्रों में सर्वोपरि है। इस प्रकार बहुलवाद वह मत और सिद्धान्त है जिसके अनुसार समाज में एक सम्प्रभुतासम्पन्न सर्वोच्च सत्ताधारी राज्य के स्थान पर अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र व राज्य के समकक्ष अनेक समुदायों के अस्तित्व का प्रतिपादन किया जाता है।
B. बहुलवादी समूह एवं संगठनों को महत्व देते है। बहुलवादी अन्य समुदायों को भी आवश्यक एवं प्राकृतिक मानते है जैसे कि राज्य। इन समुदायों का प्रादुर्भाव स्वत: एवं स्वभावत: होता है। वे राज्य द्वारा निर्मित नहीं होते और न वे अपने अस्तित्व के लिए उसकी इच्छा पर ही अवलम्बित होते है। राज्य की तरह वे भी अपने क्षेत्रों में सर्वोपरि है। इस प्रकार बहुलवाद वह मत और सिद्धान्त है जिसके अनुसार समाज में एक सम्प्रभुतासम्पन्न सर्वोच्च सत्ताधारी राज्य के स्थान पर अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र व राज्य के समकक्ष अनेक समुदायों के अस्तित्व का प्रतिपादन किया जाता है।