Explanations:
वर्ष 1935 में डब्ल्यू. एम. स्टैन्ले ने सर्वप्रथम तंबाकू के मोजैक वाइरस (Tobacco masaic virus-TMV) कोे पृथक करके इसके रवे (Crystals) बनाने में सफलता हासिल की जिसके लिये उन्हे 1946 में नोबेल पुरस्कार मिला। उसके द्वारा तैयार किए गये रवों में तंबाकू में मोजैक रोग उत्पन्न करने की पूरी क्षमता थी जिससे यह सिद्ध हो गया कि वाइरस सजीव नहीं वरन् निर्जीव कण (Nonlisving particles) होते हैं जो सजीव कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। ये सजीव पदार्थ के संयोजक में भाग लेने वाले कण मुख्यत: न्यूक्लिक अम्ल तथा प्रोटीन अर्थात न्यूक्लियो प्रोटीन के बने होते है। Ivanowoksi ने वायरस की खोज की थी।