Correct Answer:
Option D - प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) तीव्र प्रकाश की उपस्थिति में होता है इस क्रिया में O₂ ग्रहण तथा CO₂ का निष्कासन होता है। यह क्रिया O₂ की सान्द्रता बढ़ाने पर बढ़ती जाती है। इस क्रिया में ऊर्जा ATP के रूप में संचित नही होती है इसलिए इसे नष्टकारी क्रिया कहते है। अत: O₂ की मात्रा ज्यादा व CO₂ की मात्रा कम होने पर प्रकाश-श्वसन क्रिया उद्दीपित होती है।
D. प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) तीव्र प्रकाश की उपस्थिति में होता है इस क्रिया में O₂ ग्रहण तथा CO₂ का निष्कासन होता है। यह क्रिया O₂ की सान्द्रता बढ़ाने पर बढ़ती जाती है। इस क्रिया में ऊर्जा ATP के रूप में संचित नही होती है इसलिए इसे नष्टकारी क्रिया कहते है। अत: O₂ की मात्रा ज्यादा व CO₂ की मात्रा कम होने पर प्रकाश-श्वसन क्रिया उद्दीपित होती है।