search
Q: Personal selling is not targeted towards व्यक्तिगत विक्रय लक्षित नहीं होता है
  • A. Mass audiences/अधिसंख्य श्रोताओं पर
  • B. Personal contact/व्यक्तिगत संपर्क पर
  • C. Two way communication/दो तरफा सम्प्रेषण पर
  • D. Quick feedback/तुरन्त प्रतिपुष्टि पर
Correct Answer: Option A - व्यक्तिगत विक्रय समस्त विपणन कार्यक्रम को संचालित करने में एक महत्वपूर्ण तत्व है। विक्रय के अन्य तरीकों में से सर्वाधिक प्रभावशाली तरीका वैयक्तिक विक्रय है, क्योंकि इसके अन्तर्गत समस्त प्रयत्न वास्तविक क्रेता तथा भावी क्रेता पर केन्द्रित किए जाते है। वैयक्तिक विक्रय में क्रेता-विक्रेता आमने-सामने होते है तथा वस्तु का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाता है। परिणामस्वरूप क्रेता अपनी शंकाओं तथा समस्याओं का समाधान प्रत्यक्ष रूप से विक्रेता से कर सकता है। व्यक्तिगत विक्रय निम्नलिखित पर लक्षित होता है- i. व्यक्तिगत संपर्क पर ii. दो तरफा सम्प्रेषण पर iii. तुरन्त प्रतिपुष्टि पर iv. समस्त प्रयत्न वास्तविक तथा भावी व्रेâता पर v. शंकाओं के तुरन्त समाधान पर vi. लोचदार विक्रय व्यवस्था पर vii. ग्राहकों की सेवा पर स्पष्ट है कि व्यक्तिगत विक्रय अधिसंख्य श्रोताओं पर लक्षित नहीं होता है।
A. व्यक्तिगत विक्रय समस्त विपणन कार्यक्रम को संचालित करने में एक महत्वपूर्ण तत्व है। विक्रय के अन्य तरीकों में से सर्वाधिक प्रभावशाली तरीका वैयक्तिक विक्रय है, क्योंकि इसके अन्तर्गत समस्त प्रयत्न वास्तविक क्रेता तथा भावी क्रेता पर केन्द्रित किए जाते है। वैयक्तिक विक्रय में क्रेता-विक्रेता आमने-सामने होते है तथा वस्तु का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाता है। परिणामस्वरूप क्रेता अपनी शंकाओं तथा समस्याओं का समाधान प्रत्यक्ष रूप से विक्रेता से कर सकता है। व्यक्तिगत विक्रय निम्नलिखित पर लक्षित होता है- i. व्यक्तिगत संपर्क पर ii. दो तरफा सम्प्रेषण पर iii. तुरन्त प्रतिपुष्टि पर iv. समस्त प्रयत्न वास्तविक तथा भावी व्रेâता पर v. शंकाओं के तुरन्त समाधान पर vi. लोचदार विक्रय व्यवस्था पर vii. ग्राहकों की सेवा पर स्पष्ट है कि व्यक्तिगत विक्रय अधिसंख्य श्रोताओं पर लक्षित नहीं होता है।

Explanations:

व्यक्तिगत विक्रय समस्त विपणन कार्यक्रम को संचालित करने में एक महत्वपूर्ण तत्व है। विक्रय के अन्य तरीकों में से सर्वाधिक प्रभावशाली तरीका वैयक्तिक विक्रय है, क्योंकि इसके अन्तर्गत समस्त प्रयत्न वास्तविक क्रेता तथा भावी क्रेता पर केन्द्रित किए जाते है। वैयक्तिक विक्रय में क्रेता-विक्रेता आमने-सामने होते है तथा वस्तु का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाता है। परिणामस्वरूप क्रेता अपनी शंकाओं तथा समस्याओं का समाधान प्रत्यक्ष रूप से विक्रेता से कर सकता है। व्यक्तिगत विक्रय निम्नलिखित पर लक्षित होता है- i. व्यक्तिगत संपर्क पर ii. दो तरफा सम्प्रेषण पर iii. तुरन्त प्रतिपुष्टि पर iv. समस्त प्रयत्न वास्तविक तथा भावी व्रेâता पर v. शंकाओं के तुरन्त समाधान पर vi. लोचदार विक्रय व्यवस्था पर vii. ग्राहकों की सेवा पर स्पष्ट है कि व्यक्तिगत विक्रय अधिसंख्य श्रोताओं पर लक्षित नहीं होता है।