Correct Answer:
Option D - व्यक्तिगत विक्रय वह विधि है, जिसमें क्रेता-विक्रेता प्रत्यक्ष रूप से आमने-सामने होकर क्रय-विक्रय करते है। इसके अन्तर्गत विक्रेता अपने उत्पाद को क्रेता के समक्ष प्रस्तुत करता है, उसकी विशेषताओं का वर्णन करता है और संभावित क्रेता के सन्देह को दूर करने उसको पूरी तरह से सन्तुष्ट करता है। व्यक्तिगत विक्रय की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है-
i. प्रत्यक्ष व्यक्तिगत संपर्क
ii. वस्तुओं का विक्रय
iii. मौखिक रूप से प्रस्तुतीकरण
iv. संचार का एक तरीका
v. सामाजिक व्यवहार
vi. सृजनात्मक कला
vii. सन्देह का तत्काल समाधान
viii. मौलिक वार्तालाप
D. व्यक्तिगत विक्रय वह विधि है, जिसमें क्रेता-विक्रेता प्रत्यक्ष रूप से आमने-सामने होकर क्रय-विक्रय करते है। इसके अन्तर्गत विक्रेता अपने उत्पाद को क्रेता के समक्ष प्रस्तुत करता है, उसकी विशेषताओं का वर्णन करता है और संभावित क्रेता के सन्देह को दूर करने उसको पूरी तरह से सन्तुष्ट करता है। व्यक्तिगत विक्रय की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है-
i. प्रत्यक्ष व्यक्तिगत संपर्क
ii. वस्तुओं का विक्रय
iii. मौखिक रूप से प्रस्तुतीकरण
iv. संचार का एक तरीका
v. सामाजिक व्यवहार
vi. सृजनात्मक कला
vii. सन्देह का तत्काल समाधान
viii. मौलिक वार्तालाप