Explanations:
बालकों के ज्ञानात्मक विकास के परीक्षण के लिए पियाजे की महत्पवूर्ण भूमिका रही है। पियाजे ने बालक के ज्ञानात्मक विकास को चार प्रमुख चरणों में विभाजित किया है- 1. संवेदनात्मक गामक अवस्था (0-2 वर्ष) 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-15 वर्ष तक)