Correct Answer:
Option C - पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की तृतीय अवस्था मूर्त संक्रिया अवस्था है। यह अवस्था 7–11 वर्ष तक होती है। इस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं के सम्बन्ध में चिंतन प्रारम्भ कर देता है। अब वह वस्तुओं में अंतर व तुलना कर सकता है।
C. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की तृतीय अवस्था मूर्त संक्रिया अवस्था है। यह अवस्था 7–11 वर्ष तक होती है। इस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं के सम्बन्ध में चिंतन प्रारम्भ कर देता है। अब वह वस्तुओं में अंतर व तुलना कर सकता है।