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Q: पियाजे के अनुसार बच्चा अमूर्त स्तर पर चिंतन, बौद्धिक क्रियाएँ और समस्या समाधान किस अवस्था में करने लगता है?
  • A. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष)
  • B. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष)
  • C. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-15 वर्ष)
  • D. संवेदी पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष)
Correct Answer: Option C - पियाजे के अनुसार बालक संज्ञानात्मक विकास की चौथी अवस्था औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-15 वर्ष) में अमूर्त स्तर पर चिंतन करने लगता है। वह अपने स्तर पर सही और गलत के बीच तार्विâक रूप से सोचने लगता है।
C. पियाजे के अनुसार बालक संज्ञानात्मक विकास की चौथी अवस्था औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-15 वर्ष) में अमूर्त स्तर पर चिंतन करने लगता है। वह अपने स्तर पर सही और गलत के बीच तार्विâक रूप से सोचने लगता है।

Explanations:

पियाजे के अनुसार बालक संज्ञानात्मक विकास की चौथी अवस्था औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11-15 वर्ष) में अमूर्त स्तर पर चिंतन करने लगता है। वह अपने स्तर पर सही और गलत के बीच तार्विâक रूप से सोचने लगता है।