Correct Answer:
Option C - पॉवर स्ट्रोक के दौरान दोनों वॉल्व बंद पोजीशन में रहता है। पावर स्ट्रोक में दबे मिश्रण को जलाया जाता है। जब पिस्टन T.D.C. के पास पहुँचने को होता है तो दबे हुये मिश्रण को स्पार्क प्लग द्वारा बैटरी आदि के करंट की सहायता से चिंगारी (Spark) देकर जला दिया जाता है। इससे सिलिण्डर के अन्दर एक विस्फोट होता है और शक्ति प्राप्त होती है। जिससे इंजन की क्रैंकशॉफ्ट अपना साइकिल पूर्ण करती है।
C. पॉवर स्ट्रोक के दौरान दोनों वॉल्व बंद पोजीशन में रहता है। पावर स्ट्रोक में दबे मिश्रण को जलाया जाता है। जब पिस्टन T.D.C. के पास पहुँचने को होता है तो दबे हुये मिश्रण को स्पार्क प्लग द्वारा बैटरी आदि के करंट की सहायता से चिंगारी (Spark) देकर जला दिया जाता है। इससे सिलिण्डर के अन्दर एक विस्फोट होता है और शक्ति प्राप्त होती है। जिससे इंजन की क्रैंकशॉफ्ट अपना साइकिल पूर्ण करती है।