Correct Answer:
Option A - पढ़ने की प्रक्रिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण अर्थ है। अर्थबोध करना ही पढ़ने का अंतिम उद्देश्य होता है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा में ‘पढ़ने’ को परिभाषित करते हुए लिखा गया है कि ‘पढ़ना’ मात्र किताबी कौशल न होकर एक तहजी़ब और तरकीब है। पढ़ना पढ़कर समझने और उस पर प्रतिक्रिया करने की एक प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि पढ़ना बुनियादीतौर पर एक अर्थवान गतिविधि है। पढ़ने के दौरान अर्थ निर्माण के लिए इस बात की भी समझ होनी चाहिए कि अर्थ केवल शब्दों और प्रयुक्त वाक्यों में ही निहित नहीं है, बल्कि वह पाठ की समग्रता में भी मौजूद होता है और कई बार उसमें जो साफतौर पर नहीं कहा गया होता है, उसे भी समझ पाने की जरूरत होती है।
A. पढ़ने की प्रक्रिया में सर्वाधिक महत्वपूर्ण अर्थ है। अर्थबोध करना ही पढ़ने का अंतिम उद्देश्य होता है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा में ‘पढ़ने’ को परिभाषित करते हुए लिखा गया है कि ‘पढ़ना’ मात्र किताबी कौशल न होकर एक तहजी़ब और तरकीब है। पढ़ना पढ़कर समझने और उस पर प्रतिक्रिया करने की एक प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि पढ़ना बुनियादीतौर पर एक अर्थवान गतिविधि है। पढ़ने के दौरान अर्थ निर्माण के लिए इस बात की भी समझ होनी चाहिए कि अर्थ केवल शब्दों और प्रयुक्त वाक्यों में ही निहित नहीं है, बल्कि वह पाठ की समग्रता में भी मौजूद होता है और कई बार उसमें जो साफतौर पर नहीं कहा गया होता है, उसे भी समझ पाने की जरूरत होती है।