Correct Answer:
Option D - पठनं नाम न केवलं लिखितपाठस्य उच्चारणम् अपितु एतद् अपि महत्वपूर्णं यत् कश्चित् ‘पाठस्य अर्थस्य अवबोधं कुर्यात्’। अर्थात् पढ़ना केवल लिखित पाठ का उच्चारण करना नहीं है अपितु यह भी महत्वपूर्ण है कि पाठ के अर्थ का अवबोधन (ज्ञान) भी हो।
D. पठनं नाम न केवलं लिखितपाठस्य उच्चारणम् अपितु एतद् अपि महत्वपूर्णं यत् कश्चित् ‘पाठस्य अर्थस्य अवबोधं कुर्यात्’। अर्थात् पढ़ना केवल लिखित पाठ का उच्चारण करना नहीं है अपितु यह भी महत्वपूर्ण है कि पाठ के अर्थ का अवबोधन (ज्ञान) भी हो।