Correct Answer:
Option B - पेट्रोल टैंक में डबल पोल की वायरिंग करते हैं।
डबल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में +Ve तथा –Ve टर्मिनलों से निकले दोनों तार को जोड़कर यूनिट चलायी जाती है। डबल पोल वायरिंग आम गाडि़यों में नहीं की जाती है लेकिन मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार उन, गाडि़यों, जिनमें जल्दी आग लगने वाली वस्तुएँ ट्रांसपोर्ट की जाती है। जैसे– पेट्रोल, डीजल टैंक, गैस सिलेण्डर, टैकर्स और बारूद उठाने वाली गाडि़यों में डबल पोल वायरिंग आवश्यक है।
B. पेट्रोल टैंक में डबल पोल की वायरिंग करते हैं।
डबल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में +Ve तथा –Ve टर्मिनलों से निकले दोनों तार को जोड़कर यूनिट चलायी जाती है। डबल पोल वायरिंग आम गाडि़यों में नहीं की जाती है लेकिन मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार उन, गाडि़यों, जिनमें जल्दी आग लगने वाली वस्तुएँ ट्रांसपोर्ट की जाती है। जैसे– पेट्रोल, डीजल टैंक, गैस सिलेण्डर, टैकर्स और बारूद उठाने वाली गाडि़यों में डबल पोल वायरिंग आवश्यक है।