Correct Answer:
Option D - दूध या अन्य द्रव्य पदार्थों को निश्चित समय तथा निश्चित तापमान तक गर्म किया जाता है कि सभी प्रकार के रोगाणु (Pathogens) नष्ट हो जाए जो उसमें उपस्थित है इसी को Pasteurization (पाश्चूरीकरण) कहते हैं। लुईस पाश्चर (Louis Pasteur) 1822 - 1895 ने ही सर्वप्रथम पाश्चुरीकरण के पक्ष को रखा। यह अपने काल के एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक तथा रसायनशास्त्री थे। लुईस पाश्चर को आधुनिक जीवाणु (Bacteriology) का संस्थापक कहा जाता है।
पाश्चुरीकरण की निम्नलिखित विधियाँ हैं-
(1) होल्डिंग या बैच विधि (HBS)- इसमें दूध को 65ºC पर 30 मिनट के लिये गर्म किया जाता है। इसके पश्चात् तुरंत दूध को ठण्डा किया जाता है।
(2) उच्च तापमान, निम्न समय विधि (HTST)- इसमें दूध को 72ºC पर 15 सेकेण्ड तक गर्म करके शीघ्र ही ठण्डा किया जाता है।
(3) अति उच्च तापमान विधि (UHTS)- इसमें दूध को 93.4ºC पर 3 सेकेण्ड के लिये तथा 149.5ºC पर 1 सेकेण्ड के लिये गर्म करके शीघ्र ही दूध को 7ºC तक ठण्डा किया जाता है।
D. दूध या अन्य द्रव्य पदार्थों को निश्चित समय तथा निश्चित तापमान तक गर्म किया जाता है कि सभी प्रकार के रोगाणु (Pathogens) नष्ट हो जाए जो उसमें उपस्थित है इसी को Pasteurization (पाश्चूरीकरण) कहते हैं। लुईस पाश्चर (Louis Pasteur) 1822 - 1895 ने ही सर्वप्रथम पाश्चुरीकरण के पक्ष को रखा। यह अपने काल के एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक तथा रसायनशास्त्री थे। लुईस पाश्चर को आधुनिक जीवाणु (Bacteriology) का संस्थापक कहा जाता है।
पाश्चुरीकरण की निम्नलिखित विधियाँ हैं-
(1) होल्डिंग या बैच विधि (HBS)- इसमें दूध को 65ºC पर 30 मिनट के लिये गर्म किया जाता है। इसके पश्चात् तुरंत दूध को ठण्डा किया जाता है।
(2) उच्च तापमान, निम्न समय विधि (HTST)- इसमें दूध को 72ºC पर 15 सेकेण्ड तक गर्म करके शीघ्र ही ठण्डा किया जाता है।
(3) अति उच्च तापमान विधि (UHTS)- इसमें दूध को 93.4ºC पर 3 सेकेण्ड के लिये तथा 149.5ºC पर 1 सेकेण्ड के लिये गर्म करके शीघ्र ही दूध को 7ºC तक ठण्डा किया जाता है।