Correct Answer:
Option B - पिस्टन पर दो प्रकार के रिंग क्रमश: कम्प्रैशन रिंग व ऑयल रिंग फिट होते है।
पिस्टन के ऊपरी भाग में कम से कम तीन खाँचे कटे होते है, जिनमें पिस्टन तथा सिलिण्डर के बीच की दूरी को पूरा करने वाले पिस्टन रिंग फिट किए जाते हैं। इन्हीं खाँचों में से नीचे की खाँचे में ऑयल रिंग फिट किया जाता है, जो सिलिण्डर के दीवारों पर आए लुब्रीकेशन तेल को पिस्टन के ऊपर जाने से रोकता है तथा अन्य बचे दो खाचों में कम्प्रेशन रिंग लगा होता है ताकि कम्बश्चन चैम्बर में से संपीडित गैस का रिसाव न हो।
किसी पिस्टन में रिंग की संख्या कम से कम तीन हो सकती है, जिनमें दो–कम्प्रैशन रिंग, तथा एक ऑयल रिंग होता है।
B. पिस्टन पर दो प्रकार के रिंग क्रमश: कम्प्रैशन रिंग व ऑयल रिंग फिट होते है।
पिस्टन के ऊपरी भाग में कम से कम तीन खाँचे कटे होते है, जिनमें पिस्टन तथा सिलिण्डर के बीच की दूरी को पूरा करने वाले पिस्टन रिंग फिट किए जाते हैं। इन्हीं खाँचों में से नीचे की खाँचे में ऑयल रिंग फिट किया जाता है, जो सिलिण्डर के दीवारों पर आए लुब्रीकेशन तेल को पिस्टन के ऊपर जाने से रोकता है तथा अन्य बचे दो खाचों में कम्प्रेशन रिंग लगा होता है ताकि कम्बश्चन चैम्बर में से संपीडित गैस का रिसाव न हो।
किसी पिस्टन में रिंग की संख्या कम से कम तीन हो सकती है, जिनमें दो–कम्प्रैशन रिंग, तथा एक ऑयल रिंग होता है।