Correct Answer:
Option C - प्राय: पिस्टन रिंगों को कास्ट आयरन की बनायी जाती है। पिस्टन रिंग दो प्रकार की होती है:–
(1) कम्प्रैशर रिंग, (2) ऑयल रिंग
पिस्टन के ऊपरी सिरे पर प्राय: दो कम्प्रैसर रिंग और एक ऑयल रिंग लगा होता है। कम्प्रेशर रिंग का कार्य पिस्टन और सिलिण्डर के बीच प्रेशर शील बनाना तथा ऑयल रिंग का कार्य लुब्रीकेशन ऑयल को कम्बश्चन चैम्बर में जाने से रोकना होता है।
C. प्राय: पिस्टन रिंगों को कास्ट आयरन की बनायी जाती है। पिस्टन रिंग दो प्रकार की होती है:–
(1) कम्प्रैशर रिंग, (2) ऑयल रिंग
पिस्टन के ऊपरी सिरे पर प्राय: दो कम्प्रैसर रिंग और एक ऑयल रिंग लगा होता है। कम्प्रेशर रिंग का कार्य पिस्टन और सिलिण्डर के बीच प्रेशर शील बनाना तथा ऑयल रिंग का कार्य लुब्रीकेशन ऑयल को कम्बश्चन चैम्बर में जाने से रोकना होता है।