Correct Answer:
Option C - ‘प्रिया नीलकंठी’ तथा ‘निषाद बाँसुरी’ ललित निबन्धकार कुबेरनाथ राय के निबन्ध हैं। इनके अन्य प्रमुख निबन्ध हैं– रस आखेटक, गंधमादन, विषादयोग, मराल, महाकवि की तर्जनी, पर्णमुकुट आदि। रमेशचन्द्र शाह ने रचना के बदले, शैतान के बहाने, आड़ू का पेड़ आदि निबन्ध लिखे। विद्यानिवास मिश्र का- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, कदम की फूली डाल, तुम चन्दन हम पानी, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है आदि प्रमुख निबन्ध हैं। श्रीराम परिहार का-आँच अलाव की, अँधेरे से उम्मीद, धूप का अवसाद, रसवंती बोलों तो आदि प्रमुख निबंध हैं।
C. ‘प्रिया नीलकंठी’ तथा ‘निषाद बाँसुरी’ ललित निबन्धकार कुबेरनाथ राय के निबन्ध हैं। इनके अन्य प्रमुख निबन्ध हैं– रस आखेटक, गंधमादन, विषादयोग, मराल, महाकवि की तर्जनी, पर्णमुकुट आदि। रमेशचन्द्र शाह ने रचना के बदले, शैतान के बहाने, आड़ू का पेड़ आदि निबन्ध लिखे। विद्यानिवास मिश्र का- छितवन की छाँह, हल्दी दूब, कदम की फूली डाल, तुम चन्दन हम पानी, मेरे राम का मुकुट भीग रहा है आदि प्रमुख निबन्ध हैं। श्रीराम परिहार का-आँच अलाव की, अँधेरे से उम्मीद, धूप का अवसाद, रसवंती बोलों तो आदि प्रमुख निबंध हैं।