Correct Answer:
Option B - परिवेधक का प्रयोग छिद्र के आकार व गोलाई के लिए ठीक करने के लिए किया जाता है परिवेधक (Boring) की क्रिया द्वारा पहले से किया हुआ छेद को मशीनिंग करके बड़े व्यास का या फिनिश्ड बनाया जाता है। तथा सही माप प्राप्त करने के लिए बोरिंग, रीमिंग, ग्राइंडिंग तथा होनिंग आदि क्रियाओं द्वारा प्राप्त की जाती है।
B. परिवेधक का प्रयोग छिद्र के आकार व गोलाई के लिए ठीक करने के लिए किया जाता है परिवेधक (Boring) की क्रिया द्वारा पहले से किया हुआ छेद को मशीनिंग करके बड़े व्यास का या फिनिश्ड बनाया जाता है। तथा सही माप प्राप्त करने के लिए बोरिंग, रीमिंग, ग्राइंडिंग तथा होनिंग आदि क्रियाओं द्वारा प्राप्त की जाती है।