Correct Answer:
Option B - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 फरवरी, 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लांच किया गया। जिसे वर्ष 2016 के खरीफ सत्र से लागू किया गया। इस योजना के तहत फसल के नुकसान पर 25% बीमित राशि का तुरंत भुगतान तथा शेष 75% राशि का भुगतान 30 से 45 दिनों में किया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों द्वारा देय प्रीमियम खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए 5% होगा। अत: कथन (1) असत्य है। इस योजना के तहत खड़ी फसल के अतिरिक्त खलिहान में पड़ी उपज अथवा बुवाई के बाद पौधों का भी बीमा होगा। साथ ही साथ प्राकृतिक आपदा (चक्रवात, गैर मौसमी वर्षा आदि) के कारण प्रभावित फसल पर भी दावा राशि प्राप्त की जा सकेगी। अत: कथन (2) सत्य है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत यदि प्राकृतिक आपदा के कारण किसान बुवाई नहीं कर पाते तो भी उसे दावा राशि मिल सकेगी।
ओला, जलभराव और भू-स्खलन जैसी आपदाओं को स्थानीय आपदा माना जायेगा व प्रभावित किसानों का सर्वे कर उन्हें दावा राशि प्रदान की जायेगी।
इस योजना के अन्तर्गत फसल के कटाई उपरांत ( Post harvest) नुकसान को भी शामिल किया जाता है। फसल कटने के 14 दिन के भीतर यदि फसल खेत में है और इस दौरान किसी प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसानों पर दावा राशि प्रदान की जायेगी।
B. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 18 फरवरी, 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लांच किया गया। जिसे वर्ष 2016 के खरीफ सत्र से लागू किया गया। इस योजना के तहत फसल के नुकसान पर 25% बीमित राशि का तुरंत भुगतान तथा शेष 75% राशि का भुगतान 30 से 45 दिनों में किया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों द्वारा देय प्रीमियम खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और बागवानी एवं नकदी फसलों के लिए 5% होगा। अत: कथन (1) असत्य है। इस योजना के तहत खड़ी फसल के अतिरिक्त खलिहान में पड़ी उपज अथवा बुवाई के बाद पौधों का भी बीमा होगा। साथ ही साथ प्राकृतिक आपदा (चक्रवात, गैर मौसमी वर्षा आदि) के कारण प्रभावित फसल पर भी दावा राशि प्राप्त की जा सकेगी। अत: कथन (2) सत्य है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत यदि प्राकृतिक आपदा के कारण किसान बुवाई नहीं कर पाते तो भी उसे दावा राशि मिल सकेगी।
ओला, जलभराव और भू-स्खलन जैसी आपदाओं को स्थानीय आपदा माना जायेगा व प्रभावित किसानों का सर्वे कर उन्हें दावा राशि प्रदान की जायेगी।
इस योजना के अन्तर्गत फसल के कटाई उपरांत ( Post harvest) नुकसान को भी शामिल किया जाता है। फसल कटने के 14 दिन के भीतर यदि फसल खेत में है और इस दौरान किसी प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसानों पर दावा राशि प्रदान की जायेगी।