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Q: प्राथमिक स्तर के शिक्षार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए निम्नलिखित में से क्या सबसे कम सार्थक है ?
  • A. पैटर्नों की पहचान एवं सृजन करना।
  • B. समस्याओं के समाधान हेतु अनुमान लगाना एवं सन्निकटीकरण करना।
  • C. गणितीय भाषा एवं तर्कणा/विवेचन का विकास करना।
  • D. औपचारिक कलन-विधियों को याद करने की क्षमता।
Correct Answer: Option D - प्राथामिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए पैटर्नों की पहचान एवं सृजन करना समस्याओं के समाधान हेतु अनुमान लगाना एवं सन्निकटीकरण करना तथा गणितीय भाषा एवं तर्कणा/विवेचन का विकास करना अत्यधिक सार्थक विषय हैं जबकि औपचारिक कलन-विधियों को याद करने की क्षमता का विकास प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए सबसे कम सार्थक है।
D. प्राथामिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए पैटर्नों की पहचान एवं सृजन करना समस्याओं के समाधान हेतु अनुमान लगाना एवं सन्निकटीकरण करना तथा गणितीय भाषा एवं तर्कणा/विवेचन का विकास करना अत्यधिक सार्थक विषय हैं जबकि औपचारिक कलन-विधियों को याद करने की क्षमता का विकास प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए सबसे कम सार्थक है।

Explanations:

प्राथामिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए पैटर्नों की पहचान एवं सृजन करना समस्याओं के समाधान हेतु अनुमान लगाना एवं सन्निकटीकरण करना तथा गणितीय भाषा एवं तर्कणा/विवेचन का विकास करना अत्यधिक सार्थक विषय हैं जबकि औपचारिक कलन-विधियों को याद करने की क्षमता का विकास प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों में गणितीय कौशलों के विकास के लिए सबसे कम सार्थक है।