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Q: प्राथमिक घाटे से अभिप्राय है
  • A. राजकोषीय घाटा जमा ब्याज भुगतान
  • B. राजकोषीय घाटा ऋण ब्याज भुगतान
  • C. सकल प्राप्तियाँ ऋण सकल व्यय
  • D. सकल व्यय ऋण सकल कर राजस्व
Correct Answer: Option B - एक वित्तीय वर्ष में व्यय किये गये सम्पूर्ण मदों में ब्याज भुगतान (Interest Payment) एक ऐसा मद है जो कि सम्बन्धित वर्ष के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता है, बल्कि यह विगत वर्ष में लिये गये ऋणों के लिए किया जाता है। अत: यदि राजकोषीय घाटे में से ब्याज अदायगी को घटा दिया जाय तो प्राप्त होने वाले घाटे को प्राथमिक घाटा कहते हैं। जिसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष प्राथमिक रूप से उत्तरदायी होता है। Primary Deficit = F.D. – Interest Payment
B. एक वित्तीय वर्ष में व्यय किये गये सम्पूर्ण मदों में ब्याज भुगतान (Interest Payment) एक ऐसा मद है जो कि सम्बन्धित वर्ष के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता है, बल्कि यह विगत वर्ष में लिये गये ऋणों के लिए किया जाता है। अत: यदि राजकोषीय घाटे में से ब्याज अदायगी को घटा दिया जाय तो प्राप्त होने वाले घाटे को प्राथमिक घाटा कहते हैं। जिसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष प्राथमिक रूप से उत्तरदायी होता है। Primary Deficit = F.D. – Interest Payment

Explanations:

एक वित्तीय वर्ष में व्यय किये गये सम्पूर्ण मदों में ब्याज भुगतान (Interest Payment) एक ऐसा मद है जो कि सम्बन्धित वर्ष के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता है, बल्कि यह विगत वर्ष में लिये गये ऋणों के लिए किया जाता है। अत: यदि राजकोषीय घाटे में से ब्याज अदायगी को घटा दिया जाय तो प्राप्त होने वाले घाटे को प्राथमिक घाटा कहते हैं। जिसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष प्राथमिक रूप से उत्तरदायी होता है। Primary Deficit = F.D. – Interest Payment