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Q: प्रातिपदिकार्थमात्रे प्रथमाया: उदाहरणमस्ति –
  • A. उच्चै:
  • B. तट:
  • C. द्रोणो व्रीहि:
  • D. एक:
Correct Answer: Option A - प्रातिपदिकार्थमात्रे प्रथमाया: उदाहरण: ‘उच्चै:’ अस्ति। प्रातिपदिकार्थ मात्र में प्रथमा का उदाहरण ‘उच्चै:’ है। प्रातिपदिकार्थ का लक्षण- ‘नियतोपस्थितिक: प्रातिपदिकार्थ:’ जिस शब्द के उच्चारण करने पर जो पदार्थ नियम रूप से उपस्थित हो जाता है उसे प्रातिपदिकार्थ कहते हैं। नियतलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ मात्र के उदाहरण - कृष्ण:, श्री:, ज्ञानम् अलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ के उदाहरण- उच्चै:, नीचै:।
A. प्रातिपदिकार्थमात्रे प्रथमाया: उदाहरण: ‘उच्चै:’ अस्ति। प्रातिपदिकार्थ मात्र में प्रथमा का उदाहरण ‘उच्चै:’ है। प्रातिपदिकार्थ का लक्षण- ‘नियतोपस्थितिक: प्रातिपदिकार्थ:’ जिस शब्द के उच्चारण करने पर जो पदार्थ नियम रूप से उपस्थित हो जाता है उसे प्रातिपदिकार्थ कहते हैं। नियतलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ मात्र के उदाहरण - कृष्ण:, श्री:, ज्ञानम् अलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ के उदाहरण- उच्चै:, नीचै:।

Explanations:

प्रातिपदिकार्थमात्रे प्रथमाया: उदाहरण: ‘उच्चै:’ अस्ति। प्रातिपदिकार्थ मात्र में प्रथमा का उदाहरण ‘उच्चै:’ है। प्रातिपदिकार्थ का लक्षण- ‘नियतोपस्थितिक: प्रातिपदिकार्थ:’ जिस शब्द के उच्चारण करने पर जो पदार्थ नियम रूप से उपस्थित हो जाता है उसे प्रातिपदिकार्थ कहते हैं। नियतलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ मात्र के उदाहरण - कृष्ण:, श्री:, ज्ञानम् अलिङ्ग प्रातिपदिकार्थ के उदाहरण- उच्चै:, नीचै:।