Correct Answer:
Option D - प्रत्यागामी पम्प में मुख्यत: एक सिलेण्डर होता है जिसमें द्रव रोधी पिस्टन प्लंजर आगे-पीछे गति करता है। पिस्टन को आगे-पीछे गति कराने के लिए इसको आवश्यकतानुसार पिस्टन दण्ड + संयोजक दण्ड + क्रैंक द्वारा प्रथम या द्वितीय चालक से सम्बन्धित कर दिया जाता है। ये साधारणतया कम गति पर कार्य करते हैं। जिससे उच्च शीर्ष पर कम विसर्जन प्राप्त होता है।
D. प्रत्यागामी पम्प में मुख्यत: एक सिलेण्डर होता है जिसमें द्रव रोधी पिस्टन प्लंजर आगे-पीछे गति करता है। पिस्टन को आगे-पीछे गति कराने के लिए इसको आवश्यकतानुसार पिस्टन दण्ड + संयोजक दण्ड + क्रैंक द्वारा प्रथम या द्वितीय चालक से सम्बन्धित कर दिया जाता है। ये साधारणतया कम गति पर कार्य करते हैं। जिससे उच्च शीर्ष पर कम विसर्जन प्राप्त होता है।