search
Q: `पुरुषोत्तमरताऽपि खलजनप्रिया' यह उक्ति किसके लिये है?
  • A. चाण्डालकन्या के लिए
  • B. कादम्बरी के लिए
  • C. महाश्वेता के लिए
  • D. लक्ष्मी के लिए
Correct Answer: Option D - ‘पुरुषोत्तमरताऽपि खलजनप्रिया’ यह उक्ति लक्ष्मी के लिए है। इसका आशय सर्वोत्तम व्यक्ति से प्रेम करने वाली है फिर भी दुष्टों की प्यारी है। यह उक्ति कादम्बरी के शुकनासोपदेश से ली गई है।
D. ‘पुरुषोत्तमरताऽपि खलजनप्रिया’ यह उक्ति लक्ष्मी के लिए है। इसका आशय सर्वोत्तम व्यक्ति से प्रेम करने वाली है फिर भी दुष्टों की प्यारी है। यह उक्ति कादम्बरी के शुकनासोपदेश से ली गई है।

Explanations:

‘पुरुषोत्तमरताऽपि खलजनप्रिया’ यह उक्ति लक्ष्मी के लिए है। इसका आशय सर्वोत्तम व्यक्ति से प्रेम करने वाली है फिर भी दुष्टों की प्यारी है। यह उक्ति कादम्बरी के शुकनासोपदेश से ली गई है।