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Q: पार्श्वनाथ जो एक क्षत्रिय और बनारस के राजा अश्वसेन का पुत्र था, वह ........ जैन तीर्थंकर बना?
  • A. तेईसवाँ
  • B. चौबीसवां
  • C. प्रथम
  • D. द्वितीय
Correct Answer: Option A - काशी नरेश अश्वसेन के पुत्र पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। इनका प्रतीक चिन्ह सर्प फन था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे जिनका प्रतीक वृषभ था।
A. काशी नरेश अश्वसेन के पुत्र पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। इनका प्रतीक चिन्ह सर्प फन था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे जिनका प्रतीक वृषभ था।

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काशी नरेश अश्वसेन के पुत्र पार्श्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर थे। इनका प्रतीक चिन्ह सर्प फन था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) थे जिनका प्रतीक वृषभ था।