Correct Answer:
Option A - ‘परिश्रमी’ शब्द में गुणवाचक विशेषण का बोध होता है। जिस शब्द से संज्ञा का गुण, दशा, स्वभाव आदि लक्षित हो, उसे गुणवाचक विशेषण कहते है। जैसे- नया, पुराना, बाहरी, लम्बा, चौड़ा, लाल, पीला, दुबला, पतला, पानी, दानी, आदि है।
संख्यावाचक विशेषण - जिन शब्दो से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या लक्षित होती हो, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते है जैसे- सब, कुछ, चार, तीस आदि।
परिमाणवाचक विशेषण - संख्यावाचक विशेषण का एक मुख्य भेद परिमाणवाचक विशेषण होता है। यह किसी वस्तु की नाप या तौल का बोध कराता है। जैसे- तोला, थोड़ा, कुछ, सब, पूरा, आदि।
सार्वनामिक विशेषण - पुरुषवाचक और निजवाचक सर्वनाम (मैं, तू, वह) के सिवा अन्य सर्वनाम जब किसी संज्ञा के पहले आते हैं तब वे सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं।
जैसे- यह, वह, कोई, आदि।
A. ‘परिश्रमी’ शब्द में गुणवाचक विशेषण का बोध होता है। जिस शब्द से संज्ञा का गुण, दशा, स्वभाव आदि लक्षित हो, उसे गुणवाचक विशेषण कहते है। जैसे- नया, पुराना, बाहरी, लम्बा, चौड़ा, लाल, पीला, दुबला, पतला, पानी, दानी, आदि है।
संख्यावाचक विशेषण - जिन शब्दो से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या लक्षित होती हो, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते है जैसे- सब, कुछ, चार, तीस आदि।
परिमाणवाचक विशेषण - संख्यावाचक विशेषण का एक मुख्य भेद परिमाणवाचक विशेषण होता है। यह किसी वस्तु की नाप या तौल का बोध कराता है। जैसे- तोला, थोड़ा, कुछ, सब, पूरा, आदि।
सार्वनामिक विशेषण - पुरुषवाचक और निजवाचक सर्वनाम (मैं, तू, वह) के सिवा अन्य सर्वनाम जब किसी संज्ञा के पहले आते हैं तब वे सार्वनामिक विशेषण कहलाते हैं।
जैसे- यह, वह, कोई, आदि।