search
Q: प्रसिद्ध सिंधु घाटी स्थल मोहनजोदड़ो की पहली बार खुदाई किस प्रख्यात भारतीय पुरातत्वविद् द्वारा की गई थी?
  • A. एस.आर.राव
  • B. बी.बी.लाल
  • C. आर.डी. बैनर्जी
  • D. दया राम साहनी
Correct Answer: Option C - मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ है। यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में सिंधु नदी के तट पर स्थित है। इसकी खोज राखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण स्थल विशाल स्नानागार है, यह 11.88 मी. लम्बा, 7.01 मी. चौड़ा तथा 2.43 मी. गहरा है, मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत विशाल अन्नागार है, जो 45.71 मी. लम्बा और 15.23 मी. चौड़ा है। यहाँ से प्राप्त अन्य अवशेषों में कांसे की नृत्य करती नारी की मूर्ति, योगी की मूर्ति, मुद्रा पर अंकित पशुपति नाथ (शिव) की मूर्ति, घोड़े के दांत इत्यादि हैं।
C. मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ है। यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में सिंधु नदी के तट पर स्थित है। इसकी खोज राखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण स्थल विशाल स्नानागार है, यह 11.88 मी. लम्बा, 7.01 मी. चौड़ा तथा 2.43 मी. गहरा है, मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत विशाल अन्नागार है, जो 45.71 मी. लम्बा और 15.23 मी. चौड़ा है। यहाँ से प्राप्त अन्य अवशेषों में कांसे की नृत्य करती नारी की मूर्ति, योगी की मूर्ति, मुद्रा पर अंकित पशुपति नाथ (शिव) की मूर्ति, घोड़े के दांत इत्यादि हैं।

Explanations:

मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ ‘मृतकों का टीला’ है। यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना जिले में सिंधु नदी के तट पर स्थित है। इसकी खोज राखालदास बनर्जी ने 1922 में की थी। मोहनजोदड़ो का सबसे महत्वपूर्ण स्थल विशाल स्नानागार है, यह 11.88 मी. लम्बा, 7.01 मी. चौड़ा तथा 2.43 मी. गहरा है, मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत विशाल अन्नागार है, जो 45.71 मी. लम्बा और 15.23 मी. चौड़ा है। यहाँ से प्राप्त अन्य अवशेषों में कांसे की नृत्य करती नारी की मूर्ति, योगी की मूर्ति, मुद्रा पर अंकित पशुपति नाथ (शिव) की मूर्ति, घोड़े के दांत इत्यादि हैं।