Correct Answer:
Option B - गंगोत्री गर्ब्याल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की है। गंगोत्री गर्ब्याल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट सेवाओं के कारण वर्ष 1964 में राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हुई। जिसका श्रेय उन्होने जनभावना को ही दिया था। सेवानिवृत्ति से मृत्यु तक वे कैलाश नारायण आश्रम, पिथौरागढ़ में अवैतनिक व्यवस्थापक के रूप सेवारत रही।
B. गंगोत्री गर्ब्याल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की है। गंगोत्री गर्ब्याल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट सेवाओं के कारण वर्ष 1964 में राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हुई। जिसका श्रेय उन्होने जनभावना को ही दिया था। सेवानिवृत्ति से मृत्यु तक वे कैलाश नारायण आश्रम, पिथौरागढ़ में अवैतनिक व्यवस्थापक के रूप सेवारत रही।