Correct Answer:
Option B - • किशनगढ़ शैली का प्रसिद्ध चित्र बनी-ठनी के चित्रकार निहालचंद हैं।
• राजस्थानी चित्रकला में किशनगढ़ शैली का विशिष्ट स्थान है।
• किशनगढ़ शैली, मारवाड़ शैली की प्रमुख उपशैली है।
• किशनगढ़ शैली की खोज एरिक डिकिन्सन और डॉ. पैâयाज अली ने की।
• किशनगढ़ शैली को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया तीन व्यक्तियों ने–
प्रथम–कवि, चित्रकार, भक्त और कला प्रेमी राजा सावंत सिंह।
द्वितीय–महाराजा सावंत सिंह की प्रिया बनी-ठनी।
तृतीय–चित्रकार मोरध्वज निहालचंद ने।
• बनी-ठनी नामक चित्र में बनी-ठनी को साड़ी पहने चित्रित किया गया है।
• किशनगढ़ शैली के चित्रों को रहस्यमयी कल्पनाओं का अमूर्त स्वरन भी कहा गया है।
• किशनगढ़ शैली की सबसे प्रमुख विशेषता नारी का सौन्दर्य है।
B. • किशनगढ़ शैली का प्रसिद्ध चित्र बनी-ठनी के चित्रकार निहालचंद हैं।
• राजस्थानी चित्रकला में किशनगढ़ शैली का विशिष्ट स्थान है।
• किशनगढ़ शैली, मारवाड़ शैली की प्रमुख उपशैली है।
• किशनगढ़ शैली की खोज एरिक डिकिन्सन और डॉ. पैâयाज अली ने की।
• किशनगढ़ शैली को उत्कृष्ट स्वरूप प्रदान किया तीन व्यक्तियों ने–
प्रथम–कवि, चित्रकार, भक्त और कला प्रेमी राजा सावंत सिंह।
द्वितीय–महाराजा सावंत सिंह की प्रिया बनी-ठनी।
तृतीय–चित्रकार मोरध्वज निहालचंद ने।
• बनी-ठनी नामक चित्र में बनी-ठनी को साड़ी पहने चित्रित किया गया है।
• किशनगढ़ शैली के चित्रों को रहस्यमयी कल्पनाओं का अमूर्त स्वरन भी कहा गया है।
• किशनगढ़ शैली की सबसे प्रमुख विशेषता नारी का सौन्दर्य है।