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Q: प्रसाद ने अपने किस नाटक में मुख्यत: नारी–मुक्ति की समस्या को उठाया है?
  • A. चन्द्रगुप्त
  • B. राज्यश्री
  • C. स्कन्दगुप्त
  • D. ध्रुवस्वामिनी
Correct Answer: Option D - प्रसाद ने ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक में मुख्यत: नारी समस्या को उठाया है। इस नाटक में प्रसाद ने तलाक (विवाह–मुक्ति) एवं पुनर्विवाह का अधिकार हिन्दू स्त्री को है या नहीं इस समस्या को बड़े कौशल से प्रस्तुत किया है। प्रसाद द्वारा रचित अन्य नाटक है– (a) विशाख (b) अजातशत्रु (c) कामना (d) जनमेजय का नागयज्ञ (5) स्कन्दगुप्त (6) एक घूंट (7) चन्द्रगुप्त आदि।
D. प्रसाद ने ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक में मुख्यत: नारी समस्या को उठाया है। इस नाटक में प्रसाद ने तलाक (विवाह–मुक्ति) एवं पुनर्विवाह का अधिकार हिन्दू स्त्री को है या नहीं इस समस्या को बड़े कौशल से प्रस्तुत किया है। प्रसाद द्वारा रचित अन्य नाटक है– (a) विशाख (b) अजातशत्रु (c) कामना (d) जनमेजय का नागयज्ञ (5) स्कन्दगुप्त (6) एक घूंट (7) चन्द्रगुप्त आदि।

Explanations:

प्रसाद ने ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक में मुख्यत: नारी समस्या को उठाया है। इस नाटक में प्रसाद ने तलाक (विवाह–मुक्ति) एवं पुनर्विवाह का अधिकार हिन्दू स्त्री को है या नहीं इस समस्या को बड़े कौशल से प्रस्तुत किया है। प्रसाद द्वारा रचित अन्य नाटक है– (a) विशाख (b) अजातशत्रु (c) कामना (d) जनमेजय का नागयज्ञ (5) स्कन्दगुप्त (6) एक घूंट (7) चन्द्रगुप्त आदि।