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Q: ‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’ - यह कथन किसके प्रति है?
  • A. बाबू श्याम सुन्दर दास
  • B. चन्द्रधर शर्मा
  • C. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
  • D. अध्यापक पूर्णसिंह
Correct Answer: Option B - ‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’ उक्त कथन चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ के विषय में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। शुक्ल जी का प्रमुख ग्रंथ ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ (1929 ई.) है।
B. ‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’ उक्त कथन चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ के विषय में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। शुक्ल जी का प्रमुख ग्रंथ ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ (1929 ई.) है।

Explanations:

‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’ उक्त कथन चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ के विषय में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है। शुक्ल जी का प्रमुख ग्रंथ ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ (1929 ई.) है।