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Q: प्रेरणार्थक क्रिया है–
  • A. गिरना
  • B. बोलना
  • C. सुनाना
  • D. कहना
Correct Answer: Option C - जब कर्ता किसी कार्य को स्वयं न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा दे, तो उस क्रिया को ‘प्रेरणार्थक क्रिया’ कहते हैं। इस प्रकार की क्रिया अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं से बनती है। धातु में ‘ना’ जोड़ने से प्रथम प्रेरणार्थक एवं ‘वाना’ जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक रूप बनते हैं। जैसे– मूल धातु प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप कर कराना करवाना सुन सुनाना सुनवाना खा खिलाना खिलवाना
C. जब कर्ता किसी कार्य को स्वयं न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा दे, तो उस क्रिया को ‘प्रेरणार्थक क्रिया’ कहते हैं। इस प्रकार की क्रिया अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं से बनती है। धातु में ‘ना’ जोड़ने से प्रथम प्रेरणार्थक एवं ‘वाना’ जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक रूप बनते हैं। जैसे– मूल धातु प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप कर कराना करवाना सुन सुनाना सुनवाना खा खिलाना खिलवाना

Explanations:

जब कर्ता किसी कार्य को स्वयं न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा दे, तो उस क्रिया को ‘प्रेरणार्थक क्रिया’ कहते हैं। इस प्रकार की क्रिया अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं से बनती है। धातु में ‘ना’ जोड़ने से प्रथम प्रेरणार्थक एवं ‘वाना’ जोड़ने से द्वितीय प्रेरणार्थक रूप बनते हैं। जैसे– मूल धातु प्रथम प्रेरणार्थक रूप द्वितीय प्रेरणार्थक रूप कर कराना करवाना सुन सुनाना सुनवाना खा खिलाना खिलवाना